राजस्थान

कांग्रेस की खुली सोच और प्रयास से ही व्यापार और निवेश में हुई बढ़ोतरी-राजीव अरोड़ा

इंडियन डाइटेटिक एसोसिएशन एवं नेटप्रोफैन राजस्थान इकाई के सौजन्य से राजस्थान विश्विद्यालय में आज एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
इस संगोष्ठी में भारत की स्वतंत्रता से पूर्व के हालातों और उसके पश्चात हुए विकास की यात्रा पर चर्चा हुई। संगोष्ठी के मुख्य अतिथि राजसिको के अध्यक्ष राजीव अरोड़ा रहे!
संगोष्ठी की अध्यक्षता राजस्थान विश्विद्यालय के कुलपति प्रो. राजीव जैन ने की।
संगोष्ठी पोषण पंचायत ” story of a deprived nation becoming the food bowl of the world” पर आयोजित की।
प्रो. संगीता शर्मा ने इस की शुरुआत अंग्रेजों की लूट की नीति पर प्रकाश डालते हुए की।
उन्होंने बताया कि किस प्रकार अंग्रेजों ने भारत को खोखला किया और अपना गुलाम बनाया।
डा. आशीष व्यास ने इस कड़ी को आगे ले जाते हुए नेहरूजी की दूरदर्शी सोच को आगे ले जाते हुए बताया कि पहले पांच वर्षीय योजना में किस प्रकार नेहरूजी ने ४६ प्रतिशत कृषि को देते हुए भारत को एक कृषि प्रधान देश बनाने की नींव रखी।
आगे एम एस स्वामीनाथन रिसर्च फाउंडेशन की और से आए डा. गोपीनाथ ने हरित क्रांति में नेहरूजी और इंदिरा गांधीजी कि दूरदर्शिता और प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला।
अंत में प्रो. मीता माथुर ने सारे पंच वर्षीय योजनाओं का उल्लेख करते हुए, भारत को एक दक्षिण पूर्व एशिया का एक अग्रणी राष्ट्र बनाने में कांग्रेस की नीतियों का उल्लेख किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजीव अरोड़ा ने बताया कि किस प्रकार वर्तमान राजस्थान सरकार अपने प्रदेश वासियों के लिए न केवल समर्पित है पर वो हर घर में पोष्टिक थाली पहुंचने के लिए भी वचन बद्ध है।
उन्होंने कहा की कांग्रेस की खुली सोच और प्रयास से ही हर तरह के व्यापार और निवेश में बढ़ोतरी हुई है, जिसके फल स्वरूप आज देश दक्षिण पूर्व क्षेत्र में हर तरह से अग्रणी है।
अंत में राजस्थान विश्विद्यालय के कुलपति राजीव जैन ने आयोजकों को बधाई दी और घोषणा की विश्विद्यालय अलुमनि एसोसिएशन को सदृढ़ बनाने के लिए वचनबद्ध है, उन्होंने पोषण नीतियों को और सदृढ़ बनाने के लिए विश्विद्यालय द्वारा सेंटर ऑफ न्यूट्रीशन साइंसेज की एकेडमिक काउंसिल से पारित होने पर उसको स्थापित करने की घोषणा की।

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