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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति बनते ही अपने नाम किए ये 5 बड़े रिकॉर्ड!

केंद्र की मोदी सरकार ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार बनाकर सबको चौंका दिया था!
क्योंकि इस पद के लिए द्रौपदी मुर्मू का नाम ऐसा है जिसके बारे में शायद ही किसी को खयाल आया हो!

राष्ट्रपति चुनाव में द्रौपदी मुर्मू ने देश की राष्ट्रपति बन कर एक साथ कई कीर्तमान स्थापित किए हैं!
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बनी देश की अब तक की सबसे युवा राष्ट्रपति

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश की अब तक की सबसे युवा राष्ट्रपति बन गई हैं, द्रौपदी मुर्मू का जन्म 20 जून 1958 को हुआ था,वे 64 साल की हैं,25 जुलाई को जब वे राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगी तब उनकी उम्र 64 साल,1 महीना, 8 दिन होगी!

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से पहले देश के सबसे युवा राष्ट्रपति का रिकॉर्ड नीलम संजीव रेड्डी के नाम था, जो कि 1977 में निर्विरोध रूप से चुने गए थे!
उन्होंने जब राष्ट्रपति पद ग्रहण किया तब उनकी उम्र 64 साल, 2 महीने, 6 दिन थी.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बनी पहली आदिवासी नेता राष्ट्रपति

राष्ट्रपति पद संभालते ही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने एक और कीर्तमान अपने नाम किया, देश के इस संवैधानिक पद पर कभी भी आदिवासी समुदाय का कोई नेता नहीं आ सका था,राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू एक आदिवासी नेता हैं, देश को इस समुदाय से अभी तक न तो कोई प्रधानमंत्री मिला और न ही कोई राष्ट्रपति!
अब राष्ट्रपति मुर्मू ने चुनाव जीत कर पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति का कीर्तमान स्थापित किया है, बता दें कि मुर्मू इससे पहले 2015 से 2021 तक झारखंड की राज्यपाल रह चुकी हैं!
देश को मिला आजाद भारत में पैदा होने वाला पहला राष्ट्रपति

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश की पहली ऐसी राष्ट्रपति हैं जिन्होंने आजाद भारत में जन्म लिया है, देश में अभी तक राष्ट्रपति के संवैधानिक पद पर बैठने वाले सभी लोगों ने 1947 से पहले जन्म लिया था!
मौजूदा राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का भी जन्म 1 अक्टूबर 1945 में हुआ था, बता दें कि 2014 तक देश के दो शीर्ष पद राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री में काबिज होने वाले नेताओं का जन्म 1947 से पहले हुआ था!

पहला पार्षद जो राष्ट्रपति के पद पर हुआ आसीन

यह पहला मौका है जब अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत पार्षद से करने के बाद कोई देश के सबसे बड़े संवैधानिक पद पर काबिज हुआ है, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने एक शिक्षिका के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी, लेकिन उनका राजनीतिक सफर 1997 में पार्षद बनने से शुरू हुआ था, इसके 3 साल बाद वो पहली बार विधायक बनीं!

राष्ट्रपति देने वाले राज्यों में शुमार हुआ ओडिशा

ओडिशा से देश को अभी तक एक भी राष्ट्रपति नहीं मिला था,राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ओडिशा से इस पद पर पहुंचने वाली पहली नेता बन गई हैं, देश के इस संवैधानिक पद पर ज्यादातर दक्षिण भारत के नेताओं का कब्जा रहा है, देश के अब तक 14 राष्ट्रपतियों में से 7 राष्ट्रपति दक्षिण भारत से संबंध रखते थे!

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