राजस्थान

राज्यसभा चुनाव के बाद अशोक गहलोत देंगे मुख्य्मंत्री पद से इस्तीफा?

राज्यसभा चुनाव के बाद अशोक गहलोत देंगे मुख्य्मंत्री पद से इस्तीफा?

नव संकल्प चिंतन शिविर में आज सोनिया गांधी ने अपने उद्बोधन में कहा कि अब पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को वह वापस करने का समय है जो उन्हें पार्टी ने दिया है।
सोनिया गांधी ने चिंतन शिविर में आज साफ़ शब्दों में कहाकि पार्टी ने कई लोगों को बहुत कुछ दिया है, अब वक्त है पार्टी को लौटाने का ।
वहीं अजय माकन ने कहा कि वन फैमिली-वन टिकट पर सहमति होनी चाहिए और इसमें अपवाद तभी हो जब परिवार का दूसरा व्यक्ति पांच साल से अलग से संगठन के लिए काम कर रहा हो।
तो अगर किसी को चुनाव लड़ना है, तो उसे व्यक्तिगत तौर पर संगठन को पांच साल देने होंगे !
अर्थात यदि मुख्य्मंत्री अशोक गहलोत कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का सम्मान करते है और उनकी रीति-नीति पर भरोसा है तो उन्हें आगे हो कर मुख्यमंत्री का पद छोड़ देना चाहिए
गहलोत सदैव ही अपने भाषण में कहते रहे हैं कि पार्टी ने मुझे बहुत कुछ दिया है , अब पार्टी को वापस लौटाने का वक्त है,क्योंकि गहलोत तीन बार मुख्यमंत्री, इतनी ही बार पीसीसी चीफ़ तथा कई बार केंद्र में मंत्री रह चुके हैं, सोनिया की बात मानते हुए गहलोत को पहल करते हुए पद से इस्तीफा दे देना चाहिए ।

लेकिन अब 10 जून को राज्यसभा के चुनाव घोषित हो चुके हैं,राज्य में राज्यसभा की कुल 10 सीटें हैं, 200 सीटों वाली राजस्थान विधानसभा में इस समय कांग्रेस के 108, भाजपा के 71, निर्दलीय 13, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के तीन, माकपा व भारतीय ट्राइबल पार्टी (बीटीपी) के दो-दो विधायक हैं।

वर्तमान विधायकों की स्थिति को देखते हुए इन 4 में से 2 सीटों पर कांग्रेस को स्पष्ट जीत मिलती नजर आ रही है, जबकि भाजपा की एक सीट पक्की मानी जा रही है।
चौथी सीट के लिए दोनों ही दलों के पास विधायक की पर्याप्त संख्या नहीं है।
ऐसे में इस सीट पर कांग्रेस को उम्मीद है कि निर्दलीय एवं अन्य दलों के समर्थन से वह तीसरी सीट भी जीतने में कामयाब रहेगी!
लेकिन ये तभी संभव है जब मुख्य्मंत्री अशोक गहलोत पद पर बने रहें क्योंकी केंद्रीय नेतृत्व जानता है ये गहलोत के बिना संभव नहीं है!
ऐसी स्थिति में शीर्ष नेतृत्व राज्यसभा चुनाव से पहले कोई भी परिवर्तन करने की स्थिति में नहीं है।
अब देखना यह होगा कि गहलोत स्वयं इस्तीफा देते हैं अथवा शीर्ष नेतृत्व उन्हें कोई नई जिम्मेदारी देकर केंद्र में बुलाता है।

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