राजस्थान

जनाक्रोश के सामने झुका प्रशासन!

एसडीएम ने 24 घंटे में खेल मैदान की भूमि पर दिया जा रहा धरना समाप्त करवाने का दिया आश्वासन!

बालिका सीनियर विद्यालय बाप के खेल मैदान की भूमि का मामला, पूर्व उप प्रधान जगदीश पालीवाल के नेतृत्व में सर्व समाज के लोगो ने खेल मैदान पहुँचकर पुलिस-प्रशाशन व धरनार्थियों के खिलाफ की नारेबाजी, एकबारगी माहौल हो गया था तनावपूर्ण, एसडीएम की उपस्थिति में हुई वार्ता के बाद माहौल हुआ शांत, धरनार्थियों ने स्वयं हटाई खेल मैदान की भूमि पर डाली गई निर्माण सामग्री, ग्रामीणों ने खेल मैदान को आवंटित भूमि की मौके पर तरमीन करवाने की रखी मांग!

बाप/कविकान्त खत्री/चमकता राजस्थान

राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय बाप के खेल मैदान की भूमि को लेकर चल रहा विवाद गुरुवार को और बढ़ गया। आपको बता दें कि खेल मैदान की भूमि पर पिछले 6 दिन से कुछ लोग टेंट लगाकर धरना दे रहे हैं तथा यहां पर निर्माण सामग्री पट्टियां व पत्थर भी डाल दिए गए है।
खेल मैदान की भूमि पर डाली गई निर्माण सामग्री को हटाकर धरना दे रहे हैं लोगों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने की मांग को लेकर 27 सितंबर को सर्व समाज के लोगों ने उपखंड अधिकारी बाप को ज्ञापन दिया था तथा इसके लिए प्रशाशन को 3 दिन का समय दिया था। यह कार्य 3 दिन में नहीं होने पर गुरुवार को ग्राम पंचायत कार्यालय बाप में सर्व समाज की बैठक आयोजित हुई। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि प्रशासन द्वारा इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं की जा रही है, इसलिए सर्व समाज के लोगों ने खेल मैदान पहुंच कर धरनार्थियों के सामने ही धरना देने का निर्णय लिया।
इसके बाद दोपहर करीब 12 बजे पूर्व उप प्रधान जगदीश पालीवाल के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीण बालिका विद्यालय के खेल मैदान पहुंच गए। सूचना मिलने पर उपखंड अधिकारी हरि सिंह देवल, डीवाईएसपी पारस सोनी व सीआई देरावर सिंह भाटी मय जाब्ता मौके पर पहुंचे। पुलिस प्रशासन ने ग्रामीणों व धरनार्थियों से समझाइश करते हुए शांति बनाए रखने की अपील की।
माहौल हुआ तनावपूर्ण – खेल मैदान की भूमि पर सर्व समाज के लोग व धरनार्थी आमने-सामने हो गए। दोनों अपना अपना पक्ष रखने लगे। इस दौरान आपसी कहासुनी बढ़ना प्रारंभ हो गई। इसके बाद कुछ ग्रामीण धरना स्थल के पास ही खेल मैदान की भूमि पर धरनार्थियों द्वारा डाली गई पट्टियां उठाकर ट्रैक्टर में डालने लगे। धरनार्थियों ने इसका विरोध प्रारंभ कर दिया। इससे एकबारगी मौके पर माहौल तनावपूर्ण हो गया।
पुलिस प्रशासन ने बीच बचाव करते हुए माहौल को शांत करवाया तथा दोनों पक्षों के लोगों को अलग किया। धरना स्थल पर मौजूद उपखंड अधिकारी हरिसिंह देवल ने ग्रामीणों व धरनार्थियों से अलग-अलग बात कर कहां की दोनों पक्षों से वार्ताकार तय कर ले तथा उपखंड कार्यालय में वार्ता होगी।
आरएससी की टुकड़ी पहुँची – इस मामले को लेकर एहतियातन के तौर पर आरएस लसी की एक टुकड़ी भी गुरुवार दोपहर को बाप पहुंच गई। धरना स्थल पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए एएसआई गोविंद राम, भंवरलाल, भंवर सिंह, कांस्टेबल दुर्ग सिंह चावड़ा, सुरेंद्र कुमार, धनाराम सहित पुलिस जाब्ता मौजूद रहा।
एसडीएम कार्यालय में हुई वार्ता – उपखंड कार्यालय बाप में दोपहर 2 बजे पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में धरनार्थियों व ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता प्रारंभ हुई। एसडीएम हरि सिंह देवल ने बताया कि खेल मैदान की भूमि का मामला पुराना है।
यह विवाद सिविल कोर्ट के जरिए ही सुलझ सकता है। एसडीएम ने दोनों पक्षों के लोगों से कहा कि उपखंड स्तर पर इस मामले का स्थाई हल नहीं निकल सकता। हम यह तय नहीं कर सकते कि किस पक्ष के कागजात सही है तथा किस पक्ष के कागजात गलत है। एसडीएम ने ग्रामीणों के प्रतिनिधि मंडल के रूप में आए वार्ताकारों से कहा कि खेल मैदान की भूमि पर धरनार्थियों द्वारा डाली गई निर्माण सामग्री कुछ समय बाद हटा दी जाएगी तथा 24 घंटे में यह धरना भी समाप्त करवा दिया जाएगा। एसडीएम ने सर्व समाज के लोगों से अपील की कि वे शांति व्यवस्था बनाए रखें। पूर्व उप प्रधान जगदीश पालीवाल ने प्रशासन पर धरनार्थियों के दबाव में कार्य करने का आरोप लगाते हुए बालिका खेल मैदान की भूमि को अतिक्रमण मुक्त करवाने की मांग की। पालीवाल ने खेल मैदान हेतु आवंटित भूमि का मौके पर निर्मित चार दिवारी के अनुसार तरमीम करवाने की मांग भी रखी।
वार्ता में एसडीएम हरीसिंह देवल, डीवाईएसपी पारस सोनी, सीआई देरावर सिंह भाटी के अलावा ग्रामीणों के प्रतिनिधिमण्डल की तरफ से पूर्व उप प्रधान जगदीश पालीवाल, विश्व हिंदू परिषद के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष नारायण कुमावत, पूर्व उप सरपंच व वरिष्ठ भाजपा नेता मोहनलाल भैया, सीमाजन कल्याण समिति फलोदी जिला उपाध्यक्ष अखेराज खत्री, शिक्षाविद राधेश्याम खत्री, समाजसेवी रामचंद्र धामट तथा धरनार्थियों की तरफ से बिंजाराम सोलंकी, दल्लाराम माली व राजेंद्र सोलंकी ने शिरकत की।
मौके पर हुई शांति, सर्व समाज के लोगो ने जताई खुशी – वार्ता समाप्त होने के बाद पूर्व प्रधान जगदीश पालीवाल सहित प्रतिनिधिमंडल में शामिल अन्य वार्ताकार खेल मैदान पहुंचे तथा वहां पर एकत्र हो रखे सर्व समाज के लोगों को वार्ता में हुई चर्चा के बारे में बताया सर्व समाज के लोगों ने प्रशासन पर भरोसा व्यक्त किया तथा खुशी जाहिर की।
इस मौके घनश्याम हरजाल, अमृतलाल छत्तानी, पूनम चंद कुमावत, विजय कुमावत, चंपालाल पंवार, भूरालाल पालीवाल, सुरेंद्र व्यास, महेंद्र खत्री, मुकेश पालीवाल, विकास पालीवाल, सांगीदान पालीवाल, उमेश पालीवाल, राजेंद्र भटड़, दामोदर मेहता, ओमप्रकाश राठी, जेठा राम मेघवाल, बिंजा राम मेघवाल, कृपाराम मेघवाल, पप्पू सुथार, रमेश कुमावत, वासुदेव कुमावत, अर्जुन सुथार, दुर्गा शंकर सोनी, सदीप खान, ओम प्रकाश खत्री, सवाई लाल, सीताराम पालीवाल सहित सर्व समाज के सैकड़ों ग्रामीण मौजूद थे।
अनशन जारी – वहीं बालिका खेल मैदान की भूमि पर गुरुवार को छठे दिन भी अनशन जारी रहा। गुरुवार को भरत माली, जसराज माली व विक्रम सोलंकी अनशन पर रहे। अनशन कारी वर्ष 1956 में आम नीलामी बोली में क्रय किए गए भूखंडों का सीमांकन करवाने की मांग कर रहे हैं।

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